MGM मेडिकल कॉलेज पर एक और आरोप, बिना टेंडर दे दिया लांड्री का काम

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अहिल्या टाइम्स इंदौर: महात्मा गाँधी मेमोरियल कॉलेज घोटालो का गढ़ बना हुआ है | वर्तमान मामला लांड्री का ठेका बोगस कम्पनी को देने का है | 2018 में कपडे धोने का अनुबंध सिर्फ महाराजा यशवंत राव अस्पताल के लिए किया गया था | पर बाद में बिना टेंडर कैंसर, एमआरटीबी और चाचा नेहरू के कपडे धोने का काम भी फैब केयर नामक एक कंपनी को दिया है | जो ग्वालियर में रजिस्टर्ड बताई गई है |

एक्टिविस्ट अभिजीत पांडे ने आरोप लगाया है की जिस स्थान पर कंपनी का रजिस्टर पता है वहाँ पर रहवासी निजी आवास है | इससे ऐसा लगता है की कंपनी बोगस है | उन्होंने बताया की बिना टेंडर के कंपनी को अन्य अस्पतालों के कपडे सफाई का काम देना किसी साठगांठ की और इशारा करता है और प्रबंधन की अनियमितता दर्शाता है |

एमवाय प्रबंधन द्वारा निरिक्षण करने पर कई बार फैब केयर के कार्यो में लापरवाही सामने आने पर कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है | साथ ही अनुबंध की शर्तो में कंपनी को प्रदुषण कंट्रोल बोर्ड और फायर ब्रिगेड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर देना था | जो अभी तक नहीं दिया गया है | अनुबंध की शर्तो के अनुसार कंपनी को पुरे समय के लिए एक ट्रेलर नियुक्त करना था जो एमवाय प्रबंधन दवारा कई बार कहने पर भी नहीं नियुक्त किए जा रहा है | साथ ही कई प्रकार की अनियमितता जैसे बिजली का मीटर न लगाकर अस्पताल की बिजली का उपयोग करना, कपड़ो को बिना प्रेस के अस्पताल में भेजना, बिना अनुमति शादी का निर्माण करना, काम करने वाले कर्मचारियों को पुलिस सत्यापन न करवाना जैसी कई अनियमितता कंपनी द्वारा की जा रही है |

अभिजीत पांडे ने इन सभी अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री , मुख्या सचिव और सभी सबंधित विभागों में की है।

टेनिस कोर्ट मामले में भी निजी व्यक्ति ने अपने हाथ खींच लिए |

गौरतलब है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज में कॉलेज की सरकारी जमीन को एक निजी टेनिस क्लब को सौंप दिया था। इसके लिए अनुबंध भी हो चुका था। इस मामले में भी शिकायतकर्ता अभिजीत पांडे ने लोकायुक्त से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को शिकायत की थी। मामले में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने पांडे से समस्त दस्तावेज लेकर मामले की जांच बिठाई तो टेनिस क्लब बनाने वाले निजी व्यक्ति ने अपने हाथ खींच लिए और कोट बनाने से मना कर दिया । इसी तरह का एक और मामला पार्किंग से जुड़ा सामने आया था। एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन द्वारा 3 माह का एमवाय का पार्किंग शुल्क माफ करने की शिकायत हुई थी। जिसकी जांच ईओडब्ल्यू एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

संभागायुक्त की सहमति से दिया फेब केयर कम्पनी को काम  |

हमने संभागायुक्त की सहमति से फेब केयर कम्पनी को अलग अलग संस्थाओं का काम दिया था। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई। सभी काम नियमानुसार किया गया।

डॉ. ज्योति बिंदल, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज

हमारे पास शिकायत नहीं आई |

लांड्री की अनियमितता की शिकायत नहीं आई है। कोई शिकायत करता है तो हम जांच कर कार्रवाई करेंगे।

डॉ. पी एस ठाकुर, एमवाय अधीक्षक

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