सांवरिया सेठ की इंदौर में होगी शादी, चल रही शाही तैयारियां

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इंदौर । राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर से भगवान सांवरिया सेठ खुद दूल्हा बनकर इंदौर आएंगे । यहां उनका राधा जी के साथ धूम से विवाह किया जाएगा।धार्मिक आयोजनों में इंदौर हमेशा से आगे रहा है। कई आयोजन शहर में ऐसे होते है जो अदभुत होते है। ऐसा ही एक आयोजन ८ नवंबर को यहाँ रामकृष्ण बाग में होगा, जिसमें राजस्थान स्थित सांवरिया सेठ मंदिर से बारात आएगी। छत्रीबाग के एक परिवार ने सांवरिया सेठ से ब्याह के लिए राधाजी की प्रतिमा बनवाई। जिसके बाद वे शादी के स्वरूप में राधाजी को विदाई देंगे।

कुछ माह पूर्व छत्रीबाग के दग्दी परिवार ने सांवरिया सेठ मंडफिया में राधाजी की प्रतिमा स्थापना करने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्होेंने चांदी की प्रतिमा राधाजी की बनवाना शुरू करवाई। प्रतिमा बनने के बाद जब राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर में स्थापना के लिए बात की तो मंदिर के पुजारी ने देवउठनी गयारस पर शादी करने का सुझाव दग्दी परिवार को दिया, जिसके बाद दग्दी परिवार ने भी सांवरिया सेठ भक्त मंडल के साथ शादी की तैयारियां शुरू की।

8 नवंबर को होने वाली इस शादी में राधाजी के भाई और पिता होने का दायित्व दग्दी परिवार के नकुल दग्दी और जगदीश दग्दी निभा रहे है तो कृष्ण के परिवार से वरिष्ठ के रूप में देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज आएंगे। देवउठनी ग्यारस पर दोपहर 2 बजे गंगवाल बस स्टैण्ड के गगन ट्रेवल्स से कृष्ण की बारात रामकृष्णबाग तक निकाली जाएगी। जिसमें सांवरिया सेठ मंडफिया से आने वाले 500 बाराती के साथ इंदौर के भी कई भक्त साफा पहनकर बारात में शामिल होंगे।

गोधुली बेला में राधाकृष्ण के विवाह का आयोजन होगा। वहीं देर रात तक भोजन प्रसादी का आयोजन भी होगा।दग्दी परिवार के छत्रीबाग निवास पर विवाह के कार्यक्रम ३ नवंबर से ही शुरू होंगे। मेहंदी, हल्दी के साथ शादी के गीत भी गाए जाएंगे। इंदौर से विदाई के बाद जब राधाजी सांवरिया सेठ मंडफिया पहुंचेगी तो वहां भी विवाह के उत्सव होंगे। करीब सात दिन तक यह उत्सव सांवरिया सेठ में भी चलेंगे। पूरे मंठफिया में राधाकृष्ण को घुमाया जाएगा। कुल मिलाकर यह अदभुत आयोजन है जो देश में पहली बार हो रहा है। उसकी तैयारियां सांवरिया भक्तों ने जमकर की। सांवरिया सेठ से भी कई बसें भरकर सांवरिया भक्त इंदौर आएंगे।

तीन माह पूर्व हुई सगाई 

8 नवंबर को देवउठनी ग्यारस पर तुलसी विवाह का आयोजन देशभर में होगा, लेकिन इंदौर में होने वाले इस अदभूत विवाह को पूर्ण रूप ऐसा दिया गया है जैसा शादियों का होता है इसलिए करीब तीन माह पूर्व राधाकृष्ण की सगाई भी की गई। इंदौर से करीब ३०० लोग राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे,जहां उन्होंने राधाकृष्ण की सगाई का आयोजन धूमधाम से किया, जिसके बाद देन-लेन की प्रथा भी की। राधाजी ने दिखाया चमत्कार

राधाजी की प्रतिमा को गढ़ने का काम
शहर के एक सुनार को दिया गया था। चांदी की इस प्रतिमा ने उस वक्त चमत्कार दिखाया जब सुनार राधाजी के कान में छेद कर रहा था। जब एक छेद करने के लिए सुनार ने हथौड़ी उठाई तो जैसे-तैसे राधाजी के एक कान में छेद हो पाया, लेकिन दूसरे कान के छेद करते वक्त बार-बार हथौड़ी गिरने लगी तो सुनार ने राधाजी के एक कान में ही छेद किया।

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