गोलगप्पे का स्मार्ट ठेला, सेंसरयुक्त सिस्टम से मिलता है चटपटा पानी

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रायपुर कोरोना संक्रमण ने भले ही हजार दिक्कतें खड़ी की हैं, लेकिन कहते हैं कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। रायपुर के एक गुपचुप (गोलगप्पा) वाले ने अपने ठेले को हाइटेक बना दिया है। गुपचुप में मसालेदार पानी सेंसरयुक्त सिस्टम से भरा जाता है, ताकि पानी में हाथ न डालना पड़े और पानी भी बर्बाद न हो। यह सिस्टम ठेला चलाने वाले एमए की पढ़ाई कर रहे युवा ने खुद बनाया है। जूठे दोनों को रखने के लिए भी सेंसरयुक्त डस्टबिन है, जो कचरा डालने पर धन्यवाद कहता है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में लोगों को मिथलेश की यह युक्ति भा रही है। यही वजह है कि इस हाइटेक ठेले पर अन्य ठेलों की तुलना में ज्यादा भीड़ लग रही है।

कोरोना के कारण बाहर खाने से बच रहे लोगों को देखते हुए राजधानी रायपुर के सड्डू निवासी छात्र मिथलेश साहू ने अपने ठेले में सेंसरयुक्त मशीन लगाई है। इसके नीचे गुपचुप को लाते ही मसालेदार पानी गिरने लगता है। कोरोना काल में गुपचुप प्रेमियों को यह मशीन काफी सुरक्षित लग रही है। सादे पानी की टंकी में भी सेंसर लगाया गया है। इससे लोगों को टंकी को छूने या नल को हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

डस्टबिन कहती है धन्यवाद

मिथलेश ने डस्टबिन को भी हाइटेक बनाया है। डस्टबिन के करीब कचरा ले जाते ही उसका ढक्कन खुल जाता है। जूठा दोना उसमें डालते ही डस्टबिन में लगे स्पीकर से आवाज आती है, ‘उपयोग करे बर धन्यवाद’।

सेंसर, बैटरी और मोटर से किया तैयार

मिथलेश बताते हैं कि यह सिस्टम तैयार करने में तीन महीने का समय लगा। इसे हाइटेक बनाने के लिए सेंसर, बैटरी और डीसी मोटर पंप का इस्तेमाल किया गया है। पीने का पानी, गोलगप्पे का पानी और डस्टबिन तीनों में 12-12 वोल्ट की बैटरी और डीसी मोटर पंप लगी है। डस्टबिन में लगा सेंसर डेढ़ फीट की दूरी से ही सक्रिय हो जाता है। पानीपुरी और पानी की टंकी में लगे सेंसर की रेंज 15 से 20 सेंटीमीटर है।

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