6 अक्टूम्बर से होगा मराठी फूड फेस्टिवल जत्रा का आगाज, तैयारियां शुरू

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इंदौर. नारियल के दूध से बनी सोलकढ़ी जहां कोकणी जायके का मजा देगी वहीं सांभारवड़ी विदर्भ के स्वाद का पता देगी। तीखे मसाले वाले कोल्हापुरी मिसल को भी खाने वाले याद रखेंगे। महाराष्ट्र के अलग-अलग अंचलों के व्यंजन अपने आप में बहुत सी विशेषताएं लिए हुए होते हैं और ये सभी मिलेंगे जत्रा में। जत्रा ६ से ८ अक्टूबर तक गांधी हॉल के पीछे पोत्दार प्लाजा में मराठी सोशल ग्रुप ट्रस्ट की ओर से लगाया जाएगा। जत्रा के फूड फेस्ट में ५२ स्टॉल्स पर मराठी व्यंजन मौजूद रहेंगे, जिनमें मीठे-खट्टे और चटपटे जायके खानपान के शाौकीन इंदौरियंस को पसंद आएंगे।
कोकण की सोलकढ़ी
जत्रा के फूड जोन की समन्वयक स्नेहा करमकर ने बताया कि सोलकढ़ी महाराष्ट्र के कोकण इलाके का एक पाचक पेय है जिसे मैत्रेयी समूह की महिलाएं बनाएंगी। ये नारियल के दूध से बनता है। नारियल को पीस कर उसके रस में अदरक, कोकम शर्बत, नमक और हरी मिर्च आदि मिलाते हैं। इसका खट्टा-मीठा मजा सभी को भाता है। कोकम भी कोकण का ही एक फल होता है जिसका शरबत बनता है और उसमें हल्की सी खटास होती है।
कोकण का ही एक और व्यंजन उकडीचे मोदक भी रहेंगे। ये मोदक चावल के आटे से बनते हैं और इसकी खासियत ये है कि ये चावल के आटे को स्टीम कर बनाए जाते हैं। पहले चावल के आटे को स्टीम किया जाता है और फिर उसमें गुड़ नारियल आदि की स्टफिंग कर फिर स्टीम किया जाता है।
मीठी साटोरी और तीखा मिसल
साटोरी मैदे की रोटी में मावा भरकर बनाई जाती है। मावा भरने के बाद इसे पहले तवे पर सेंकने के बाद घी में डीप फ्राय किया जाता है। इसे गुझिया का एक रूप कह सकते हैं, पर ये गरम खाई जाती है। कोल्हापुरी मिसल मोठ को अंकुरित कर बनाया जाता है। इसका रसा बेहद तीखा होता है। इसे और तीखा बनाने के लिए एक्सट्रा तरी डाली जाती है। इसमें कोल्हापुर का खास चिवड़ा मिक्सचर भी मिलाया जाता है। स्नेहा करमकर ने बताया कि आजकल लोग कोल्हापुरी मिसल को पाव के साथ भी खाते हैं पर जत्रा में इसे पारंपरिक रूप से ही परोसा जाएगा।
गोळेभात और उब्जे
उब्जे एक प्रकार का स्वादिष्ट नाश्ता है जो चावल की चूरी, चने की दाल और मंूगफली के दानों को भिगो कर और फिर बघार कर बनाया जाता है। गोळेभात में चने की दाल को भिगो कर पीस कर उसके गोले बनाए जाते हैं। इन गोलों को चावल के साथ पकाया जाता है। मिश्रडालींचे धिरडे यानी मिश्र दालों के चीले होते हैं जिन्हें मिर्च और लहसुन की चटनी के साथ खाया जाता है।
व्यंजनों के साथ लावणी का आनंद
जत्रा में लावणी का आनंद लेने का मौका भी मिलेगा। इसके लिए मुंबई से प्रसिद्ध लावणी नृत्यांगना माया जाधव अपनी २५ सदस्यीय टीम के साथ प्रस्तुति देंगी। मराठी लोकसंगीत और लावणी मराठी व्यंजनों का स्वाद में आनंद का तडक़ा लगा देगी। रंगारंग लावणी के लिए मंच तैयार हो रहा है।

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