यूथ फेस्ट में फाग उत्सव, घूमर और भगोरिया के रंग

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तीन दिनी अंतरजिला स्तरीय युवा उत्सव में पहले दिन गायन और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं हुईं
इंदौर। लोक नृत्य में सामूहिक लयात्मकता, सुंदर संतुलन और सटीक समन्वय दिखाई दिया तो कथक में भावपूर्ण मुद्राएं और आकर्षक हस्त मुद्राएं थी। रंगोली में सगीत की लय को मोहक रंगों से साकार किया गया तो पेंटिंग में आतंकवाद जैसे विषय पर अपनी कल्पनाओं को चित्रित किया गया। डीएवीवी ऑडिटोरियम में तीन दिनी अंतर जिला स्तरीय युवा उत्सव में स्टूडेंट्स ने मंगलवार को इन कॉम्पीटिशन में अपना हुनर दिखाया। इसमें खंडवा, बुरहानपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी सहित आठ जिलो से आए पार्टिसिपेंट्स ने भाग लिया। लोकनृत्य में 8 और एकल शास्त्रीय नृत्य में 4 प्रस्तुतियां दी गई। झाबुआ के आदिवासी नृत्य भगोरिया से लेकर राजस्थानी में फाग नृत्य, गुजरात का डांडिया और हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किए गए। निर्णायक थी जयश्री तांबे, रंजना ठाकुर तथा विधि नागर। एकल कथक में अभिनय अंग से प्रभावी प्रस्तुतियां दी गई। समूह गान भारतीय, सुगम संगीत, पाश्चात्य गायन में एकल और समूह गायन की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा पेंटिंग, रंगोली और कार्टूनिंग कॉम्पीटिशंस भी की गईं। कार्टूनिंग में इस्माइल लहरी, कप्तान तथा गोविंद लाहोटी निर्णायक थे। आॅन द स्पाॅट पेंटिंग में आतंकवादी गतिविधि पर बनाए चित्रों के लिए निर्णायक मनोज पंवार थे।

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