प्रतिभाओं को तराशने और आगे बढाऩे में सम्मान महत्वपूर्ण

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फतेहपुरिया समाज द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कुलपति डॉ.धाकड़ के उदगार

इन्दौर। प्रतिभाएं किसी समाज या पंथ की नहीं, समूचे राष्ट्र की धरोहर होती हैं ज्ञान  ही  वह  आवश्यकता  है, जो संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए जरूरी हैं औरजिसके कारण ही जीवन की दिशा और दशा तय होती हैं।फतेहपुरिया  समाज  के इन बच्चों ने केवल समाज नहीं,समूचे शहर के नाम को गौरवान्वित किया है। सम्मान  किसी भी  स्वरूप  में  हो, प्रतिभाओं को तराशने और आगे बढ़ाने में सहायक होता है।

देवी अहिल्या  विश्वविद्यालय  के  कुलपति  डॉ.  नरेन्द्र  कुमार  धाकड़  ने  आज  शाम  फतेहपुरिया  समाज  द्वारा  मल्हारगंज थाने के पास स्थित अपने भवन पर आयोजित प्रतिभासम्मान समारोह में उक्त विचार व्यक्त किये। उन्होने  सभी प्रतिभावान बच्चों के उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएं भी व्यक्त की। कार्यक्रम  की  अध्यक्षता  समाज  के अध्यक्ष कैलाश बिदासरिया ने की। उद्योगपति विनोद खेमका विशेष अतिथि थे। प्रारंभ  में  कार्यक्रम  संयोजक  अशोक  बूबना, सत्यनारायण अग्रवाल,  रामप्रसाद सोंथलिया, मधुसूदन  सुरेखा,  बनवारीलाल  जाजोदिया  आदि  ने  अतिथियों  का स्वागत किया। समारोह  में  कक्षा  पहली  से  पांचवी  तक  के  42,  पांचवी  से  आठवीं  तक  के  19,  नौंवी  से बारहवी  तक  के  56  और  विभिन्न  उच्चशिक्षा  की  कक्षाओं  में  प्रावीण्यता  प्राप्त  करने  वाले  आठ  प्रतिभावान  युवाओं का भी सम्मान किया गया। इस तरह लगभग 125 प्रतिभाओंको रजत पदक के साथ प्रशस्ति पत्र भैंट किये गये।सीए की परीक्षा में  देश में 13 वां और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली सुश्री पलक राकेश अग्रवाल और एक अन्य श्रीमती पलक प्रतीक अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया. संचालन  नीरज  सुरेखा  ने  किया  और  आभार  माना  राजेन्द्र मित्तल ने ।

इस अवसर पर उद्योगपति विनोद खेमका ने समाज द्वारा स्थापित सम्मान की परंपरा की खुले मन से प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का संकल्प व्यक्त किया अन्य अतिथियों  और  समाज  के  पदाधिकारियों  ने  भी  प्रतिभावान  बच्चों के  लिए मंगल कामनाएं व्यक्त कर उनका सम्मान किया।

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