अग्रवाल समाज अंगदान और बचे हुए भोजन से जुड़े अभियानों में भी प्रमुखता से आगे आएं – संभागायुक्त 

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अग्रसेन महासभा के 29वें स्थापना दिवस पर पूर्व अध्यक्षों, समाज की प्रतिभाओं एवं सेवाभावी बंधुओं का सम्मान

इंदौर। राष्ट्र के विकास में अग्रवाल समाज की अपनी महती भूमिका रही है। शहर में चल रहे विभिन्न समाजों के रचनात्मक सेवा प्रकल्पों से शहर को नई पहचान मिलती है। अंगदान जैसा अभियान किसी समाज या वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए एक प्रेरक कदम है। इसी तरह बचे हुए भोजन का सदुपयोग करने की दिशा में भी समाजबंधुओं को भागीदार बनना चाहिए। समाज स्तर पर दिए गए योगदान से ही हम एक समृद्ध और खुशहाल राष्ट्र निर्माण की सोंच को आगे बढ़ा सकते हैं।
ये प्रेरक और प्रभावी विचार हैं संभागायुक्त संजय दुबे के, जो उन्होंने श्री अग्रसेन महासभा के 29वें स्थापना दिवस पर होटल सयाजी महल में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। अ.भा. वैश्य महासम्मेलन दिल्ली के महामंत्री गोपाल मोर एवं वाणिज्यकर विभाग की उपायुक्त सुश्री पारूल अग्रवाल विशेष अतिथि थे। अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष टीकमचंद गर्ग ने की। प्रारंभ में कार्यक्रम संयोजक जगदीश बाबाश्री ने वंदना वाचन किया। संस्था का परिचय प्रो. धन्नालाल गोयल ने दिया और अतिथियों का स्वागत अरूण आष्टावाले, अजय आलूवाले, मोहनलाल बंसल एवं अन्य सदस्यों ने किया। इस अवसर पर संस्था के पूर्व अध्यक्षों, सीए की परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 13वां स्थान प्राप्त करने वाली सुश्री पलक अग्रवाल, समाजसेवी उमाकांत गर्ग, रमेश गोयल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय सेवा कार्य करने वाले बंधुओं का सम्मान भी किया गया। अध्यक्ष टीकमचंद गर्ग ने महासभा को एक संयुक्त परिवार की संज्ञा देते हुए महाराजा अग्रसेन के समाजवाद के सिद्धांतों को व्यवहारिक क्षेत्र में अपनाने का आव्हान किया। संचालन सीए एस.एन. गोयल ने किया और आभार माना सचिव राजेश मित्तल ने। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, किशनलाल ऐरन, शंभूदयाल अग्रवाल, सुरेश बंसल, एस.एन. गोयल, मोहन अग्रवाल, राजेश बंसल, पी.डी. अग्रवाल महूवाले सहित विभिन्न अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। महासभा की ओर से संभागायुक्त संजय दुबे द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के लिए उनका सम्मान भी किया गया।
मुख्य अतिथि संभागायुक्त संजय दुबे ने अपने प्रभावी उद्बोधन में जहां समाज के सेवा कार्यों की परंपरा की खुले मन से प्रशंसा की, वहीं शहर के चलाए जा रहे अंगदान अभियान एवं बचे हुए भोजन को गरीबों तक पहुंचाने में भी समाज को आगे बढक़र काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आहार एप के माध्यम से बचा हुआ भोजन यदि जरूरतमंदों तक पहुंचता है तो यह भी एक सेवा और पुण्य का कार्य है। अंगदान जैसा अभियान समूची मानवता को नया जीवन देने वाला ऐसा प्रोजेक्ट है जिससे जुडक़र समाज को और अधिक ऊंचाई मिल सकती है। संभागायुक्त ने व्यापारियों के कार्य क्षेत्र में आने वाली जीएसटी की दिक्कतों का भी उल्लेख किया और आश्वस्त किया कि जल्द ही इन कठिनाईयों का समाधान निकल आएगा।

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